लाल बस्ता

मेरे लाल बस्ते में है
तुम्हारे प्यार की याद की एक चिट्ठी
और नये कंचों जैसे अनेक चुम्बन

कुछ ख़ाली सिगरेट की डिब्बियाँ
टूटी नोकों वाली रंगीन पेंसिलें
रिक्त सूनी आकृतियों में
रंग भरने वाली चित्रकला की कॉपी

इसी बस्ते में रख कर भूल गया था
स्कूल की पीली बस से उतरती हुयीं
तुम्हारी संग-चिकनी पिण्डलियों की झलक

इसी में से निकलतीं हैं
तस्वीरों से बनायी गयी तस्वीरें
और वे सड़कें जिन पर तुम गुज़रती रहीं

इसी में खुलते हैं वे चौडगरे
जिनके बीचोबीच तुम हँसती थी


0 0 votes
रेटिंग
guest
0 प्रतिक्रियाएँ
Inline Feedbacks
View all comments
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x
0

Subtotal