पूरा दिन छुपकर बैठा था ख़ालीपन
शाम हुई जब छत पर उतरा ख़ालीपन
उसका भी सन्नाटा मेरे दिल में है
इक कमरे में दो- दो घर का ख़ालीपन
इस दुनिया के सारे इन्सां गुमसुम ह
ये दुनिया है इक दुनिया का ख़ालीपन
तुमको केवल प्यास बुझानी आती है
तुम कब समझोगे दरिया का ख़ालीपन
अब के सफ़र में साथ नही आयेगा वो
इसका मतलब सारा रस्ता ख़ालीपन
