
| जन्म | |
| स्थान | जयपुर, राजस्थान |
समस्त
परिचय
रंग समीक्षा
आलेख
राघवेन्द्र रावत की सम्पूर्ण रचनाएँ
आलेख
जरूरत है संस्कृति के प्रति धर्म जैसी आस्था की
अगर आप अभिनेता हैं, नृतक हैं, वादक हैं गायक हैं, यानी कला से सरोकार है…
रंग समीक्षा
कलाकार और स्त्री की अस्मिता का प्रश्न उठाती- नाचनी
भारंगम 26 के अंतर्गत राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जियापुर के मुख्य प्रेक्षागृह में प्रसिद्ध नाटककार एवं…
विजुअल आर्ट और अभिनय के मेल से जीवंत हुआ ‘हैमलेट’
25 वे भारंगम के अंतर्गत राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर के मुख्य प्रेक्षागृह में शेक्सपीयर के बहुचर्चित…
सौरभ अनंत का प्रयोगात्मक रंगमंच और शिक्षण का अंतर्संबंध
सौरभ अनंत की रंग यात्रा से पहले प्रयोगात्मक रंगमंच और शिक्षण के अंतर्संबंध के ऐतिहासिक…
रंगमंच की नई परिभाषा गढ़ती हुई प्रस्तुति है ‘भुखवासी भांड’
कम्युनिटी थिएटर सोसाइटी टोंक एवं एक्स्ट्रा एन आर्गेनाइजेशन द्वारा आयोजित नाट्य समारोह की अंतिम प्रस्तुति…
राघवेन्द्र रावत
शिक्षा : स्नातक (अभियांत्रिकी), स्नातक (अंग्रेजी साहित्य) एवं एफ. टी. आई. आई पुणे से फ़िल्म समीक्षा में लघु अवधि कोर्स।
प्रकाशन : दो कविता संग्रह ‘अंजुरी भर रेत’ (2007) तथा ‘एक चिट्ठी की आस में’ (2011) प्रकाशित । 2022 में पुस्तक ‘मारक लहरों के बीच’ प्रकाशित । देश की प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाएँ हंस, जनसत्ता, नया पथ, मधुमती, समकालीन भारतीय साहित्य, शेष, बनास जन, कला वसुधा, पिक्चर प्लस, रंगायन, रंग संवाद, अरावली उद्घोष, ककसाड़, कथादेश, विश्व रंग प्रवासी विशेषांक, अंतरीप, मीमांसा, राजस्थान पत्रिका, भास्कर आदि में कविताएँ, लघु कथाएं, संस्मरण, आलेख और समीक्षाएं प्रकाशित। आकाशवाणी मथुरा, जयपुर तथा जोधपुर से रचनाएं प्रसारित । दूरदर्शन जयपुर से कविताएँ प्रसारित।
संपादन : राजस्थान की समकालीन कविता पर ‘अपने समय का आज’ (2021) संपादित एवं प्रकाशित । वर्ष 2023 में राजस्थान संगीत नाटक अकादमी की पत्रिका ‘रंगयोग’ का संपादन कविता के साथ-साथ गत 35 वर्षों से रंगमंच से जुड़ाव, कई नाटकों में अभिनय, गीत लेखन एवं पत्र वाचन । प्रतिष्ठित नाट्य समारोह जयरंगम, रंग राजस्थान, अंतर्राष्ट्रीय नाट्य समारोह जोधपुर, जयपुर साहित्य उत्सव, राजकमल किताब उत्सव, विवेचना नाट्य समारोह और अमर कला महोत्सव बीकानेर आदि में पत्रवाचन। जयपुर दूरदर्शन से प्रसारित तीन धारावाहिकों में अभिनय। केन्द्रीय संगीत नाटक अकादमी द्वारा स्वीकृत ‘समकालीन रंगमंच राजस्थान : एक इतिहासपरक अध्ययन’ विषय पर शोध कार्य। जवाहर कला केंद्र पाक्षिक थिएटर जूरी सदस्य (2023) तथा निर्णायक, राजस्थान संगीत नाटक अकादमी नाट्य लेखन प्रतियोगिता (2023)
सम्मान : राजस्थान साहित्य अकादमी से काव्य संग्रह ‘अंजुरी भर रेत’ के लिए ‘सुमनेश जोशी पुरस्कार (2008-9) तथा वर्ष 2023 के लिए ‘मारक लहरों के बीच’ पुस्तक पर राजस्थान साहित्य अकादमी के कन्हैया लाल सहल पुरस्कार से सम्मानित।
स्वतंत्र लेखन।
सम्पर्क : raghvendra.rwt@gmail.com
राघवेन्द्र रावत की रंग समीक्षाएं
कलाकार और स्त्री की अस्मिता का प्रश्न उठाती- नाचनी
भारंगम 26 के अंतर्गत राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जियापुर के मुख्य प्रेक्षागृह में प्रसिद्ध नाटककार एवं…
विजुअल आर्ट और अभिनय के मेल से जीवंत हुआ ‘हैमलेट’
25 वे भारंगम के अंतर्गत राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर के मुख्य प्रेक्षागृह में शेक्सपीयर के बहुचर्चित…
सौरभ अनंत का प्रयोगात्मक रंगमंच और शिक्षण का अंतर्संबंध
सौरभ अनंत की रंग यात्रा से पहले प्रयोगात्मक रंगमंच और शिक्षण के अंतर्संबंध के ऐतिहासिक…
रंगमंच की नई परिभाषा गढ़ती हुई प्रस्तुति है ‘भुखवासी भांड’
कम्युनिटी थिएटर सोसाइटी टोंक एवं एक्स्ट्रा एन आर्गेनाइजेशन द्वारा आयोजित नाट्य समारोह की अंतिम प्रस्तुति…
राघवेन्द्र रावत के आलेख
जरूरत है संस्कृति के प्रति धर्म जैसी आस्था की
अगर आप अभिनेता हैं, नृतक हैं, वादक हैं गायक हैं, यानी कला से सरोकार है…
