असिस्टेंट प्रोफेसर हिन्दी पाठ्यक्रम, राजस्थान लोक सेवा आयोग
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गुरु गोरखनाथ नाथ संप्रदाय के संस्थापक और एक महान योगी थे, जिन्होंने हठ योग की परंपरा को व्यवस्थित और लोकप्रिय बनाया।
सिद्ध शबरपा आदिकाल के चौरासी सिद्धों में से एक प्रमुख कवि थे, जो सरहपा के शिष्य और ‘चर्यापद’ नामक प्रसिद्ध गेय पदों के रचयिता थे।
सरहपा हिंदी के प्रथम कवि माने जाते हैं (राहुल सांकृत्यायन के अनुसार) और उनकी प्रसिद्ध रचना ‘दोहाकोश’ है, जिसमें उन्होंने बाह्याडंबरों का खंडन करते हुए सहज साधना पर बल दिया है।
मुनि रामसिंह आदिकाल के जैन कवि थे, जिनकी प्रमुख रचना ‘पाहुड़-दोहा’ विशुद्ध रहस्यवाद और आत्म-ज्ञान पर केंद्रित है।