रमणिका गुप्ता
रमणिका गुप्ता एक लेखिका, सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिज्ञ थीं, जिन्होंने आदिवासी, दलितों और महिलाओं के अधिकारों के लिए काम किया।
दलित रचनाएँ, जहाँ हर शब्द एक चिंगारी है
रमणिका गुप्ता एक लेखिका, सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिज्ञ थीं, जिन्होंने आदिवासी, दलितों और महिलाओं के अधिकारों के लिए काम किया।
हीरा डोम 19वीं सदी के पहले दलित कवि थे, जिनकी कविता ‘अछूत की शिकायत’ 1914 में सरस्वती पत्रिका में छपी थी। इस कविता को हिंदी दलित साहित्य की पहली कविता माना जाता है।
ओमप्रकाश वाल्मीकि एक प्रसिद्ध दलित साहित्यकार थे, जिनकी आत्मकथा “जूठन” ने हिंदी साहित्य में एक महत्वपूर्ण स्थान बनाया।
नामदेव ढसाल एक प्रसिद्ध मराठी कवि, लेखक और दलित पैंथर आंदोलन के संस्थापकों में से एक थे।