शबरपा
सिद्ध शबरपा आदिकाल के चौरासी सिद्धों में से एक प्रमुख कवि थे, जो सरहपा के शिष्य और ‘चर्यापद’ नामक प्रसिद्ध गेय पदों के रचयिता थे।
सिद्ध शबरपा आदिकाल के चौरासी सिद्धों में से एक प्रमुख कवि थे, जो सरहपा के शिष्य और ‘चर्यापद’ नामक प्रसिद्ध गेय पदों के रचयिता थे।
सरहपा हिंदी के प्रथम कवि माने जाते हैं (राहुल सांकृत्यायन के अनुसार) और उनकी प्रसिद्ध रचना ‘दोहाकोश’ है, जिसमें उन्होंने बाह्याडंबरों का खंडन करते हुए सहज साधना पर बल दिया है।