इक औरत

एक अनगढ़ औरत ने बदला लिया
मर्दों से बदला लिया
ठकुराई, सामंती अहंकार से बदला लिया 
ताकत बनी मिसाल हुई
पूरी धमक के साथ 

एक औरत जिसे देवी बनाने का षडयंत्र
ना औकात रही मर्दों में 
सामंतों में, ताकतवरों में 
ईश्वर को रचते 
ईश्वर बेचते व्यापारियों में,

फूलन इक औरत
सिर्फ औरत बनी रही
हिमालय हो गई 
अभेद्य 
मर्दों के संसार में..


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Ajey
Ajey

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