सुनो न
तुम सो गये हजार हजार
स्वप्न साथ बांध कर।
पर इस बीच जाने
कितने जनतंत्र सड़कों पर
कुचल दिए गये..।
संबंधित विषय – जनतंत्र
सुनो न
तुम सो गये हजार हजार
स्वप्न साथ बांध कर।
पर इस बीच जाने
कितने जनतंत्र सड़कों पर
कुचल दिए गये..।
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