रोटियां तवे पर हैं
अभी तुम जा सकते हो किसी जंग में
बदल सकते हो अपनी छाती को किसी ढाल की शक्ल में
तुम्हारे हाथ तलवार की भूमिका में उतरकर हिला सकते हैं
किसी ऐसे व्यक्ति का बाजू
जिसे तुम्हारी फसलों में नहीं दिखती रोटियां
नहीं दिखती दूध से भरकर झुक आई बालियां
रोटियां तवे पर हैं
तुम शांति के दूत बनकर दुनिया में फैल जाओ
तुम दूधिया चांदनी से नहाकर लौट आओ एक ऐसे देश से
जहां खेत उदास होते हैं भूखे पेट की गिनती करते हुए
और रोटियां ही लिखती हैं भूख की पीड़ा
रोटियां तवे पर हैं
तुम्हारे गर्म लहू में पिघलकर बहते हुए एक दिन
रोटियां इतनी गोल हो जायेगी कि
तुम रोटियों से ही पूछोगे भूख का पता
और खेत ही लिखेंगे भूख की कहानी
संबंधित विषय – भूख
