समय 1 Comment / By / वसुंधरा पाण्डेय किसने सोख लियामेरे हिस्से का हवा पानीऐ समयमैं तुझसे पूछ रही हूँजो काल की गाल मेंसमाते जा रहे हो संबंधित विषय – समय «पिछली रचना – रोज-रोज
Bahut sunder kavita