वरीयताएं किसे दी जाएंगी?
योग्यताओं का कहीं
ठौर ठिकाना भी बचा है
मैं योग्यता को छोड़
वरीयता की तरफ़ जाना चाहता हूं
वरीयता—योग्यता पर
भारी होती जा रही है
योग्यता आती है वरीयता से
योग्यता का क्या है
उसके पास है बस इंतजार
मैं चाहता हूं
एक आकाशवाणी
“भगवान के पास देर है-अंधेर नहीं”
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