
रोज केरकेट्टा एक प्रमुख भारतीय आदिवासी लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता हैं।
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परिचय
कहानी
रोज केरकेट्टा (5 दिसंबर 1940 – 17 अप्रैल 2025) झारखंड की एक प्रख्यात आदिवासी साहित्यकार, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर् थीं। वह खड़िया आदिवासी समुदाय से थीं।
उन्होंने रांची विश्वविद्यालय में जनजातीय व क्षेत्रीय भाषा विभाग की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और खड़िया भाषा का अध्यापन किया। उनकी रचनात्मकता का केंद्र बिंदु आदिवासी जीवन, संघर्ष और संस्कृति रहा। उन्होंने ‘परमवीर अलबर्ट एक्का’, ‘कथाएँ’ जैसी कृतियों से आदिवासी महिलाओं के संघर्ष, जल-जंगल-जमीन के मुद्दों और डायन प्रथा के खिलाफ आवाज़ उठाई। वह झारखंड आंदोलन से जुड़ी थीं और ‘आधी दुनिया’ पत्रिका की संपादिका रहीं। उनका जीवन आदिवासी अस्मिता और मानवाधिकारों को समर्पित रहा।
रोज केरकेट्टा की कहानियाँ
