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कहानी
शिरीष खरे की सम्पूर्ण रचनाएँ
कहानी
खूंटा की लुगाई भी बह गई
बरौनी बऊ (अम्मा) अक्सर एक कहानी सुनाती थी। कहती कि नदी हर बाढ खेतों को…
‘नदी सिंदूरी’ और ‘एक देश बारह दुनिया’ जैसी चर्चित किताबों के लेखक। दो दशक से वंचित समुदायों के पक्ष में लेखन। भारत के चौदह राज्यों के अंदरूनी भागों की यात्राएँ। मीडिया संस्थानों में रहते हुए हज़ार से अधिक रिपोर्ट। चार सौ से अधिक गाँवों पर दस्तावेज़। ग्रामीण भारत पर उत्कृष्ट रिपोर्टिंग के लिए वर्ष 2013 में ‘भारतीय प्रेस परिषद सम्मान’। वर्ष 2009, 2013, 2020 में ‘संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष’ द्वारा ‘लाडली मीडिया अवार्ड’ सहित सात राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार।
संपर्क: shirish2410@gmail.com
शिरीष खरे की कहानियाँ
खूंटा की लुगाई भी बह गई
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