प्रसाद Leave a Comment / By / जावेद आलम ख़ान वे उनके जंगल में घुसे कहा हमसे डरो मत हम पेड़ों की पूजा करते हैं जंगल हमारे लिए प्रसाद की तरह पवित्र हैं पर यह नहीं बताया कि हर प्रसाद की पवित्रता पेट में जाने से पहले तक ही रहती है संबंधित विषय – जंगल, पेड़ «पिछली रचना – अनुप्रास