उत्तर प्रदेश सहायक अध्यापक, प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी (एल टी ग्रेड हिन्दी) पाठ्यक्रम

हिन्दी साहित्य का इतिहास- आदिकाल, भक्तिकाल संत काव्य, सूफी काव्य, रामकाव्य, कृष्ण काव्य, रीतिकाल
आधुनिक काल- भारतेन्दु युग. द्विवेदी युग, छायावाद, प्रगतिवाद, प्रयोगवाद, नयी कविता।हिन्दी गद्य साहित्य का विकास- निबन्ध, नाटक, उपन्यास, कहानी, जीवनी, आत्मकथा, संस्मरण, रेखाचित्र, यात्रा-साहित्य, व्यंग्य।

हिन्दी के रचनाकार एवं उनकी रचनाएँ

काव्य का स्वरूप, रस-अवयव, भेद, छंद (दोहा, रोला, सोरठा, चोपाई, बरवै, छप्पय, हरिंगीतिका, इन्द्रवज्जा, उपेन्द्रवज्जा, वंशस्थ, वसंततिलका, कवित्त, सवैया) लक्षण एवं उदाहरण, अलंकार (अनुप्रास, यमक, श्लेष, वक्रोक्ति, उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति, प्रतीप, संदेह, भ्रांतिमान, अत्युक्ति, अन्वय) काव्य गुण, काव्य दोष।

हिंदी की विभाषाएं, बोलियाँ, हिंदी की शब्द संपदा, हिंदी की ध्वनियाँ, देवनागरी लिपि-नामकरण, विकास, विशेषताएं, सीमाएं, सुधार के प्रयत्न।

व्याकरण – कारक, लिंग, वचन, उपसर्ग, प्रत्यय, वर्तनी एवं वाक्य-शुद्धीकरण, पर्यायवाची, विलोम, श्रुति समभिन्नार्थक शब्द, वाक्यांश के लिए एक शब्द, मुहावरा, लोकोक्ति।

संस्कृत साहित्य
(क) संस्कृत के प्रमुख रचनाकार और उनकी रचनाएँ- कालिदास, भवभूति, भारवि, माघ, दंडी, श्रीहर्ष, बाणभट्ट।
(ख) संधि – स्वर, व्यंजन एवं विसर्ग, समास, शब्द रूप, यौगिक, शब्द रूप, सर्वनाम और रूप एवं धातु रूप, कारक प्रयोग।
(ग) अनुवाद

0 0 votes
रेटिंग
guest
0 प्रतिक्रियाएँ
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x