
नई पीढ़ी के कवि। आलोचना और सम्पादन में भी सक्रिय।
समस्त
परिचय
कविता
सन्तोष अर्श का जन्म अवध में बाराबंकी जनपद के एक गाँव मँझपुरवा (1987) में हुआ। छोटी उम्र से लेखन शुरू किया और कुछ समय तक लखनऊ में फ़्रीलांसिंग की। मूलतः कवि, आलोचना और सम्पादन में भी सक्रिय। जनकवि रमाशंकर यादव ‘विद्रोही’ पर आधारित पुस्तक ‘विद्रोही होगा हमारा कवि’ (2020) और ‘परस्तार-ए-लखनऊ’ (2025) का सम्पादन।
‘आलोचना की दूसरी किताब’ (2024) प्रकाशित पुस्तक है।
सम्पर्क : poetarshbbk@gmail.com

शानदार रचनाएँ 👌🏻
संतोष जी बेहतरीन आलोचक होने के साथ-साथ उम्दा कवि भी हैं।
सभी अच्छी कविताएं 🌻