अकेलेपन से जूझते हुए

दुखी हृदय ढूंढा नहीं जाता 
आसानी से मिल जाता है
राह चलते
सरेआम सड़कों पर
भीड़ से लदी, सीटी बजाती
जेब्रा क्रॉसिंग पर रुकी हुई 
गाड़ियों की तरह

आषाढ़
सावन
भादो की बारिश में 
भींगना तो है
महज एक बहाना 
अपने ऑंसूओं को छुपाने का

अकेलेपन से जूझते हुए 
वे चाहते हैं
आशीर्वाद में मिले एक जीवंत एकांत 
जिसमें झेला जा सके 
लोगों का दंभ
पायी जा सके अकेलापन से निजात
और जिया जा सके अपने हिस्से का एकांत


5 1 vote
रेटिंग
guest
0 प्रतिक्रियाएँ
0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x