रात अभी जारी है साजन
फिर भी बेदारी है साजन
तुमने अपने दुख गिनवाए
अब मेरी बारी है साजन
जिस कांधे पर इश्क़ नहीं था
वो ज़्यादा भारी है साजन
घाव अभी ताज़ा हैं दिल के
कितनी हवादारी है साजन
हर सू ख़ौफ़ज़दा चेहरे हैं
हर सू मिस्मारी है साजन
दिल का चैन कहाँ पर रक्खूं
टूटी अलमारी है साजन
