Leave a Comment / आधुनिक काल के कवि, कविता, ग़ज़ल, रचनाकार, श नाम से आरंभ होने वाले रचनाकार, समकालीन कविता / By शिवम चौबे जन्म1997स्थान सिद्धार्थ नगर, उत्तर प्रदेश समस्त परिचय ग़ज़ल शिवम चौबे की सम्पूर्ण रचनाएँ ग़ज़ल जिस तरह घुलता है पानी में नमक इक सदा देता है कोई नींद के उस पार से रात अभी जारी है साजन रात नदी है साहिल दिन जब किसी ने नहीं सुनी आवाज़ तो क्या हुआ जो रह न सके ख़ुश-दिली के साथ शिवम चौबे की ग़ज़लें जिस तरह घुलता है पानी में नमक इक सदा देता है कोई नींद के उस पार से रात अभी जारी है साजन रात नदी है साहिल दिन जब किसी ने नहीं सुनी आवाज़ तो क्या हुआ जो रह न सके ख़ुश-दिली के साथ